विशेषण के कितने भेद होते हैं। पूरी जानकारी

Visheshan ke kitne bhed hote hain : हम अक्सर हिंदी के बारे में जानते तो हैं ही की हिंदी में व्याकरण सबसे महत्वपूर्ण होती हैं। इस लेख में आपको हिंदी व्याकरण का सबसे प्रमुख भाग विशेषण के बारे में बतायेंगे। इस लेख के आपको विशेषण के कितने भेद होते हैं, के बारे में बताने की कोशिश करेंगे। 

विशेषण के कितने भेद होते हैं ?

विशेषण के कितने भेद होते हैं। पूरी जानकारी

सामान्य हिंदी व्याकरण में देखे तो विशेषण के मुख्य रूप से 8 भाग होते हैं। इन्ही 8 भेद के बारे में आपको इस लेख में बताया जा रहा हैं जो किस इस प्रकार हैं। यह हैं वो विशेषण के आठ भेद होते हैं जो हिंदी व्याकरण में मुख्य रूप से इस्तेमाल किये जाते हैं।

  1. गुणवाचक विशेषण 
  2. संख्यावाचक विशेषण
  3. परिणामवाचक विशेषण 
  4. व्यक्तिवाचक विशेषण
  5. सम्बन्धवाचक विशेषण 
  6. तुलनाबोधक विशेषण 
  7. प्रश्नवाचक विशेषण 
  8. सार्वनामिक विशेषण 

गुणवाचक विशेषण :

गुणवाचक विशेषण उसे कहते हैं जिसमें किसी भी वाक्य के संज्ञा या सर्वनाम के गुण का जिक्र किया जाता है। इसके अगर कुछ उदाहरण देखे तो इस प्रकार हैं।

उदाहरण के तौर पर काला, कड़वा, छोटा ,अच्छा, खारा आदि है।

गुणवाचक विशेषण के वाक्य में उदाहरण :

इस नदी में काला पानी है।

यह एक बहुत छोटी इमारत है।

इन दोनों वाक्य में काला और छोटी शब्द गुणवाचक विशेषण है।

संख्यावाचक विशेषण :

यदि किसी वाक्य में ऐसे शब्द मौजूद है जिनमें संज्ञा या सर्वनाम की संख्या का बोध होता है, तो उन्हें संख्यावाचक विशेषण कहा जाता है। इसके अगर कुछ उदाहरण देखे तो इस प्रकार हैं।

इसके उदाहरण सात, पांच, तीन आदि 

संख्यावाचक विशेषण के उदाहरण :

वहां पर चार लड़के खड़े है।

इस गांव में तीन ही बच्चे है।

इन दोनों वाक्य में चार और तीन दोनों शब्द संख्यावाचक विशेषण किसी संख्या का बोध करा रहे इस प्रकार से ये सख्याबोधक विशेषण है।

परिणामवाचक विशेषण :

यदि किसी बात के में ऐसे शब्दों का प्रयोग हो जिसके द्वारा किसी वस्तु की मात्रा का पता चले तो उन्हें परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं। इसके अगर कुछ उदाहरण देखे तो इस प्रकार हैं।

परिमाणवाचक विशेषण के उदाहरण चार किलो ,दस ग्राम ,तीस लीटर आदि है।

परिणामवाचक विशेषण के उदाहरण वाक्यों में :

रवि दो किलो चावल लेकर आया था।

राज ने बीस किलो अनाज अपनी जनता को किया।

इन दोनों वाक्यों में दो किलो और बीस किलो शब्द परिमाणवाचक विशेषण के  वाक्य के उदाहरण है।

व्यक्तिवाचक विशेषण :

व्यक्तिवाचक विशेषण शब्दों से बने  वह शब्द जो की वाक्य में संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता का वर्णन करें । उन्हें व्यक्तिवाचक विशेषण कहते हैं। इसके अगर कुछ उदाहरण देखे तो इस प्रकार हैं। 

व्यक्तिवाचक विशेषण के उदाहरण नेपाली, भारतीय ,बनारसी, इलाहाबादी आदि है।

व्यक्तिवाचक विशेषण के वाक्य में उदाहरण :

रोहन अपनी शादी में जोधपुरी सूट पहनकर आएगा। 

रेशमा कल रात बनारसी साड़ी पहन कर आई थी।

इन दोनों वाक्य में जोधपुरी और बनारसी दोनों ही शब्द 

व्यक्तिवाचक विशेषण वाक्य के उदाहरण है।

सम्बन्धवाचक विशेषण :

ऐसे विशेषण शब्द जिनके उपयोग किए जाने पर किसी वस्तु या व्यक्ति एक दूसरे से संबंध बताने के लिए किया जाता है। उन शब्दों को संबंध वाचक विशेषण के नाम से जाना जाता है। इसके अगर कुछ उदाहरण देखे तो इस प्रकार हैं।

संबंध वाचक विशेषण के उदाहरण भीतरी ,बहरी और आखरी है।

सम्बन्धवाचक विशेषण के वाक्य में उदाहरण :

यह सब बाहरी दिखावा हैं रवि के पास बहुत पैसा है।

उपयुक्त वाक्य में बाहरी शब्द सम्बन्धवाचक विशेषण वाक्य का उदाहरण है।

तुलनाबोधक विशेषण :

जब किसी वाक्य में दो या दो से अधिक वस्तुओं या मनुष्य की तुलना की जाती है तो ऐसे शब्दों की सहायता लेनी होती है। सहायता में लिए गए शब्दों को तुलनात्मक विशेषण  कहते हैं। इसके अगर कुछ उदाहरण देखे तो इस प्रकार हैं।

तुलनात्मक विशेषण के उदाहरण सबसे सुंदर, ज्यादा तेज, बहुत असरदार आदि है

तुलनाबोधक विशेषण के उदाहरण वाक्यों में :

हमारा यह तरीका बहुत असरदार साबित हुआ है।

इस वाक्य में बहुत असरदार शब्द तुलनात्मक विशेषण वाक्य का उदाहरण है।

प्रश्नवाचक विशेषण :

ऐसे वाक्य जिनमें संज्ञा व सर्वनाम के बारे में प्रश्न किए जाए, तो ऐसे शब्दों के समूह को प्रश्न वाचक विशेषण के नाम से पुकारते हैं। इसके अगर कुछ उदाहरण देखे तो इस प्रकार हैं।

प्रश्नवाचक विशेषण के वाक्य के उदाहरण :

प्रश्न वाचक विशेषण के उदाहरण कौन, कब ,कैसे आदि

वह कहां जा रहा है ?

क्या रोहन ने है उन्हें यह बात बताई है ?

इन दोनों वाक्यों में कहां और क्यों शब्द संज्ञा या सर्वनाम के बारे सवाल पूछने के एवज में किया गया है इस तरह से क्या और कहां शब्द प्रश्नवाचक  विशेषण के उदाहरण है।

सार्वनामिक विशेषण :

जब किसी वाक्य में कोई संज्ञा या सर्वनाम शब्द को पहले रखा जाता है ,और उसमें उसकी विशेषता का जिक्र होता है तो ऐसे शब्द को सर्वनामिक विशेषण कहते हैं। इसके अगर कुछ उदाहरण देखे तो इस प्रकार हैं।

उदाहरण के तौर पर वह, इस, हमारा ,मेरा तेरा, उसका आदि

सार्वनामिक विशेषण के उदाहरण :

वह लड़का बहुत ही ज्यादा बुद्धिमान है। 

यह पुस्तक मेरा है।

इन दोनों वाक्यों में वह और यह दोनों ही शब्द सार्वनामिक विशेषण के उदाहरण है।

हिंदी व्याकरण में सबसे ज्यादा जाने वाले Visheshan ke kitne bhed hote hain के बारे में कुछ जानकारी इस प्रकार थी। इस आर्टिकल को अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ जरुर शेयर करे।

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